Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full [repack] Review
2. द्वितीय चैत्यवंदन: श्री शांतिनाथ भगवान जिनालय (Shantinath Bhagwan Chaityavandan)
यह पहला चैत्यवंदन है, जो शत्रुंजय पर्वत पर चढ़ाई शुरू करने से पहले तळेटी (पहाड़ी का आधार) पर किया जाता है। यह यात्रा के शुभारंभ का प्रतीक है। प्रार्थना (गुजराती में): "श्री शत्रुंजय सिद्धक्षेत्र, दीठे दुर्गति वारे; भाव भरीने जे चढे, तेने भवपार उतारे। अनंत सिद्धनो एह ठाम, सकळ तीर्थनो राय; पूर्व नवाणुं ऋषभदेव, ज्यां ठविया प्रभु पाय।"। इस प्रार्थना के माध्यम से यात्रा में सफलता और मोक्ष की कामना की जाती है। palitana 5 chaityavandan in hindi full
इच्छामि संखेवेणं पंच चैयवंदणं जाव-आउरं खमासमणं। दीठे दुर्गति वारे