










रात को विनीता अकेले कमरे में रोई। उसने तय कर लिया - कल कार्तिक को नौकरी से निकाल दूंगी। लेकिन अगली सुबह जब उसने कार्तिक को गाड़ी धोते देखा, तो उसकी सारी 'अंतर्वासना' फिर से जाग उठी। वह खिड़की से झाँकती रही, और उसके हाथ की चूड़ियाँ बेवजह खनक उठीं।
अंतरवासना एक ऐसी इच्छा है जो हमारे भीतर होती है, लेकिन हम उसे कभी किसी से नहीं कह पाते हैं। यह इच्छा हमें खुशी और संतुष्टि देती है। रिया की कहानी हमें यह सिखाती है कि हमें अपने भीतर की इच्छा को पूरा करने के लिए हमेशा प्रयास करना चाहिए। antarvasana-hindi-kahani
अंतरवासना एक ऐसा शब्द है जो हमारे समाज में बहुत कम लोगों को पता है। यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है - "अंतर" और "वासना"। अंतर का अर्थ है भीतर और वासना का अर्थ है इच्छा। तो अंतरवासना का अर्थ है भीतर की इच्छा। उसके कपड़े खुद धोती।
विनीता के मन में एक विचार कौंधा - ऐसा विचार जो उसने कभी किसी को नहीं बताया था। वह कार्तिक की प्रतीक्षा करने लगी। हर शाम वह बालकनी में बैठती और नीचे देखती कि कार्तिक गाड़ी लेकर कब आता है। उसकी साँसें भारी हो जातीं। दिन-प्रतिदिन वह उसके लिए अच्छा खाना बनाती, उसके कपड़े खुद धोती। antarvasana-hindi-kahani